राष्ट्रीय

प्रोफेसर और कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर महिला ने सबरीमाला में प्रवेश किया

लंबे इंतजार और विरोध प्रदर्शन के बाद 2 महिलाएं सबरीमाला मंदिर में अयप्पा के दर्शन करने में कामयाब हो गईं हैं। पुलिस ने भारी सुरक्षा और सूझबूझ से उन्हें दर्शन कराए। बिंदू अम्मिनी एक प्रोफेसर और कनकदुर्गा सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन आउटलेट में असिस्टेंट मैनेजर हैं।

इन्होंने 24 दिसंबर को भी कोशिश की थी लेकिन कामयाबी 1 जनवरी की रात मिली।

42 साल की बिंदू अम्मिनी कन्नूर यूनिवर्सिटी में लीगल स्टडीज की असिस्टेंट प्रफेसर हैं। ये सीपीआई एक्टिवस्ट भी हैं और कानू सान्याल की पार्टी में राज्य सचिव भी रह चुकी हैं। वैसे पिछले 10 साल से सक्रिय राजनीति का हिस्सा नहीं रहीं हैं। 24 दिसबंर को मंदिर में प्रवेश न मिलने पर उन्होंने भूख हड़ताल धमकी दी थी।

44 साल की कनकदुर्गा सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन आउटलेट में असिस्टेंट मैनेजर हैं। कनक, नायर परिवार से हैं जो एक रुढ़िवादी समुदाय माना जाता है। इन्होंने परिवार की इच्छा के उलट मंदिर में घुसने की कई बार कोशिश की। मंदिर में प्रवेश की योजना बनाते समय कई दिनों तक वो परिवार से भी दूर रहीं। जब परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई तब जाकर कनकदुर्गा ने अपना वीडियो जारी कर सुरक्षित होने का सबूत दिया।

दर्शन के लिए इन दोनों ने ऐसा दिन चुना मंदिर की तरफ लोगों का ध्यान कम हो। इन महिलाओं ने बुधवार तड़के 3:30 बजे भगवान अयप्पा का ऐतिहासिक दर्शन किया। महिलाओं के साथ सादे कपड़ों में 6 पुलिसवाले थे। उन्होंने पारंपरिक रास्ते (पथिनेट्टम पड़ी) की जगह स्टाफ के आने-जाने की रास्ता चुना। साथ ही इनके सिर पर पारंपरिक इरुमुदिकट्टू भी नहीं था। इरुमुदिकट्टू दो फोल्ड वाला झोला होता है जिसमें भक्त अपना सामान और ईश्वर को चढ़ाने वाली चीजें रखते हैं।

फिलहाल इन दोनों के घरों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और इनकी मौजूदा स्थिति के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।

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